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देश के कमजोर वर्ग को भारतीय संविधान से ही सारे अधिकार प्राप्त हैं : कुंवर फतेह बहादुर

  संवाददाता - बागी न्यूज 24   लालगंज / आजमगढ़। दलितों, पिछड़ो और अल्पसंख्यक समाज के साथ महिलाओं के लिए भारत के संविधान का सबसे ज्यादा महत्व इ...

 

संवाददाता - बागी न्यूज 24  

लालगंज / आजमगढ़। दलितों, पिछड़ो और अल्पसंख्यक समाज के साथ महिलाओं के लिए भारत के संविधान का सबसे ज्यादा महत्व इसलिए है क्योंकि इन्हें सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक अधिकार भारतीय संविधान से ही मिले हैं। उक्त विचार सामाजिक संस्था बहुजन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ आईएएस कुंवर फतेह बहादुर ने व्यक्त किया,उन्होंने कहा कि अगर इस देश में संविधान की जगह आजादी से पहले की व्यवस्था बरकरार रहती तो जाति और धर्म के नाम पर उपेक्षित समाज के लोग आज भी दंश झेल रहे होते। उन्होंने कहा कि हमारे लिए संविधान जरूरी है और संविधान दिवस पर हमलोग एक साथ इसलिए एकत्र होते हैं, क्योंकि आज ही के दिन 26 नवंबर 1949 को बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान सभा को भारतीय संविधान सौंपा था। देश के कमजोर वर्ग को भारतीय संविधान से ही सारे अधिकार प्राप्त हैं। बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर ने संविधान में सभी को एक वोट का अधिकार दिया। हम अपने इस वोट की ताकत से सरकार बदल सकते हैं और इसी वोट की ताकत से अपनी विचारधारा वाली सरकार बना भी सकते हैं। पूर्व वरिष्ठ आईएएस कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि आज भारतीय संविधान का विरोध वही लोग कर रहे हैं जो गैर बराबरी  मनुवादी व्यवस्था लागू करना चाहते हैं। हमें संविधान दिवस के मौके पर यह शपथ लेनी होगी कि हम संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे दलों का साथ देंगे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल सत्ता में आने पर संविधान की शपथ लेकर संविधान के अनुरूप सरकार चलाने की बात कहते हैं, लेकिन वह अपनी पार्टी की विचारधारा के आधार पर सरकार चलाते हैं। हमें संविधान का विरोध करने वाले संविधान बदलने की बात करने वाले दलों का सिर्फ विरोध ही नहीं करनी है बल्कि अपने एक वोट की ताकत से ऐसे दलों को सत्ता में आने से भी रोकने के साथ ही अपनी विचारधारा का समर्थन करने वाले दल की सरकार भी बनानी होगी।



 

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