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फसल अवशेष जलाये जाने की घटना को रोकने को लेकर की गयी बैठक

  संवाददाता - बागी न्यूज 24   आजमगढ़। उप कृषि निदेशक आशीष कुमार ने बताया है कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद आजमगढ़ में राष्ट्रीय हरित अधिक...

 

संवाददाता - बागी न्यूज 24  

आजमगढ़। उप कृषि निदेशक आशीष कुमार ने बताया है कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद आजमगढ़ में राष्ट्रीय हरित अधिकरण के नियमों का उल्लंघन कर फसल अवशेष जलाये जाने की घटना को रोकने हेतु कल सायं जूम ऐप के माध्यम से अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) आजमगढ़ श्री गम्भीर सिंह की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें उप कृषि निदेशक आजमगढ, जिला कृषि अधिकारी, पशुचिकित्सा अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी,  समस्त उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी, समस्त तहसीलदार तथा समस्त सहायक विकास अधिकारी (कृषि) द्वारा प्रतिभाग किया गया। अपर जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि जनपद के समस्त कम्बाईन हार्वेस्टर मालिकों को निर्देशित किया जाए कि कम्बाईन के साथ सुपर एस0एम0एस0 अथवा अन्य फसल अवशेष प्रबन्धन के कृषि यन्त्रों को साथ में चलाये जाने हेतु उप कृषि निदेशक कार्यालय से एन0ओ0सी0 प्राप्त कर लें अन्यथा कि स्थिति में  बिना एस0एम0एस0 लगाये हार्वेस्टर से कटाई एवं फसल अपशिष्ट जलाये जाने की घटना प्रकाश में आने पर दोषी के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी। विकास खण्ड तथा तहसील स्तर पर गठित समिति को क्रियाशील रहते हुए कृषकों के मध्य प्रचार- प्रसार एवं निरन्तर भ्रमण के निर्देश दिये गये। ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं तथा ग्राम प्रधानों को अपने क्षेत्र में भ्रमण करते हुए पराली जलने से होने वाले नुकसान से कृषकों को परिचित कराने के निर्देश दिये गये। जिला गन्ना अधिकारी को गन्ने की कटाई के समय कृषकों द्वारा गन्ने की पत्ती न जलाने पाये इस हेतुु अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी को गौशालाओं पर बिछावन हेतु इकत्र किये जा रहे पराली की सूचना प्रतिदिन उपल्बध कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया। इच्छुक कृषक गौशालाओं पर पराली दे कर खाद्य प्राप्त कर सकते है। पराली जलाने पर मा0 राष्ट्रीय हरित अधिकारण के आदेश के क्रम में पर्यावरण क्षतिपूर्ति हेतु निहित निर्देशों के अनुसार दोषी पाये जाने पर निम्नानुसार अर्थदण्ड आरोपित किया जायेगा। कृषि भूमि का क्षेत्रफल दो एकड़ से कम होने की दशा में रू0-2500.00 प्रति घटना। कृषि भूमि का क्षेत्रफल दो एकड़ से अधिक किन्तु पाँच एकड़ तक होने की दशा में रू0-5000.00 प्रति घटना। कृषि भूमि का क्षेत्रफल पाँच एकड़ से अधिक होने की दशा में रू0-15000.00 प्रति घटना। राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम की धारा-24 के अन्तर्गत क्षतिपूर्ति की वसूली के सम्बन्ध में कार्यवाही की जायेगी। इसी के साथ जनपद में पराली जलाने वाले 04 कृषकों के ऊपर क्षेत्रफल के आधार पर रू0 10000-00 का अर्थदण्ड आरोपित करते हुए वसूली के निर्देश दिये गये।



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