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नैनो उर्वरक उपयोग आधारित कृषि अधिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया

  संवाददाता - बागी न्यूज 24   आजमगढ़। नैनो उर्वरक उपयोग आधारित कृषि अधिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कृषि भवन सभागार जनपद आजमगढ़ में किया ...

 

संवाददाता - बागी न्यूज 24  

आजमगढ़। नैनो उर्वरक उपयोग आधारित कृषि अधिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कृषि भवन सभागार जनपद आजमगढ़ में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त कृषि निदेशक आजमगढ़ मंडल आजमगढ़ श्री गोपाल दास जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी आजमगढ़ डॉ गगनदीप सिंह, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक केवीके आजमगढ़ डॉ आर के नायक, वरिष्ठ प्रबंधक इफको गोरखपुर डॉ विनोद कुमार सिंह, श्री हरिकेश मालवी एसटीए कृषि विभाग, कृषि सलाहकार डॉ रामकेवल यादव, श्री शंभू नाथ सिंह, एसटीए, क्षेत्र प्रबंधक इफको आजमगढ़ श्री जियाउद्दीन सिद्दीकी, इफको एमसी एसएमओ श्री सतीश कुमार एवं समस्त ब्लॉक के एडीओ एजी एवं एडीओ पीपी सहित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम में लगभग 100 कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी ने प्रतिभाग किया। साथ ही साथ इस कार्यक्रम में शुभम सिंह, एस एफ ए, आजमगढ़, श्री मुरली मनोहर सिंह, सचिव, डी सी एफ, आजमगढ़, शिवबरन गिरि, आजमगढ़ प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्र प्रबंधक इफको द्वारा किया गया तथा दानेदार यूरिया एवं दानेदार डीएपी के अंधाधुंध प्रयोग से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया। डा विनोद कुमार सिंह,वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक, इफको गोरखपुर द्वारा बताया गया कि नैनो यूरिया  का प्रयोग पत्तियों पर छिड़काव के माध्यम से किया जाता है जबकि नैनो डीएपी का प्रयोग बीज शोधन एवं छिड़काव दोनों के माध्यम से किया जाता है नैनो डीएपी का प्रयोग गेहूं या अन्य कोई भी बीज शोधन हेतु 5 उस नैनो डीएपी का प्रयोग प्रति किलो बीज के शोध हेतु उपयोग किया जाता है इससे नैनो डीएपी के कण बीज के साथ चिपक कर बीज में प्रवेश कर जाते हैं जिससे बीच के अंकुरण की शुरुआत से ही फास्फोरस की उपलब्धता सुनिश्चित रहती है जिससे जमाव तथा जड़ों का विकास अच्छा होता है। संयुक्त कृषि निदेशक, आजमगढ़ मंडल आजमगढ़, द्वारा बताया गया की किसानों के द्वारा फसल में सिफारिश की मात्रा से अधिक उर्वरकों का प्रयोग किया जा रहा है इससे लागत बढ़ रही है और मृदा का स्वास्थ्य खराब हो रहा है सामान्य उर्वरकों  के स्थान पर नैनो उर्वरकों के प्रयोग से किसानों की लागत घटेगी, उत्पादकता में वृद्धि होगी साथ ही फसल का उत्पाद उत्तम क्वालिटी से प्राप्त होंगे। नैनो उर्वरक सामान्य उर्वरक  का अच्छा विकल्प है। इससे कीट, बीमारी,खरपतवार भी नियंत्रित रहेंगे तथा उत्पादन लागत में भी कमी आएगी। डा गगन दीप सिंह जिला कृषि अधिकारी द्वारा सभागार में उपस्थित सभी को निर्देशित किया गया कि नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी के प्रयोग विधि एवं लाभ की जानकारी सभी किसानों को दिया जाए और महोदय द्वारा संविधान दिवस पर उपस्थित सभागार में संविधान दिवस पर शपथ ग्रहण करवाया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ रणधीर नायक द्वारा मृदा पर्यावरण एवं जल प्रदूषण रोकने के लिए संतुलित उर्वरक प्रयोग पर बल दिया गया तथा जैविक खेती के संबंध में जानकारी दी गई।



 

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