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बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा ने शोषित समाज के लिए पूरे जीवनपर्यंत संघर्ष किया : दुर्गा प्रसाद यादव

  संवाददाता - बागी न्यूज 24   आजमगढ़। बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा की जयंती समाजवादी पार्टी कार्यालय पर सोमवार को मनाई गई। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि...

 


संवाददाता - बागी न्यूज 24  

आजमगढ़। बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा की जयंती समाजवादी पार्टी कार्यालय पर सोमवार को मनाई गई। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, विशिष्ट अतिथि डा संग्राम यादव, व आयोजक करूणाकांत मौर्य आदि ने बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के चित्र के समक्ष पुष्पाजंलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा किया। अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव व संचालन करूणाकांत मौर्य ने किया।
जयंती समारोह को संबोधित करते हुए विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने कहाकि जगदेव प्रसाद कुशवाहा के शहादत के बदौलत दलित, पिछड़ा समाज में जागरूकता आई है। उन्होंने शोषित समाज के लिए पूरे जीवनपर्यंत संघर्ष किया। उन्हें बिहार लेलिन के नाम से जाना जाता है। इनके प्रयास से बिहार में पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार बन सका। विशिष्ट अतिथि विधायक डा संग्राम यादव ने कहाकि बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा ने समाज सुधार की शुरूआत अपने घर से शुरू किया। उन्होंने पिता की मृत्यु के बाद कर्म काण्ड को छोड़ा एवं श्रद्धाजंलि सभा करके सामाजिक परिवर्तन की राह बनाई। आगे चलकर राम स्वरूप वर्मा के साथ मिलकर समाज को नई दिशा देने के लिए ब्रह्मणी व्यवस्था के समान्तर व्यवस्था देने का काम किया। मुबारकपुर विधायक अखिलेश यादव ने कहाकि पिछड़े, दलित समाज को एक करने के लिए उन्होंने नारा दिया था कि दस का शासन 90 पर नहीं चलेगा नहीं चलेगा। विधायक पूजा सरोज ने कहाकि बाबू जगदेव प्रसाद के पदचिन्हों पर चलकर ही परिवर्तन संभव है। यहीं उन्हें सच्ची श्रद्धाजंलि होगी। अध्यक्षीय संबोधन में जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहाकि बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा  का जन्म बिहार प्रांत के जहानाबाद के कुरहारी ग्राम में हुआ, इनके पिता एक शिक्षक के रूप में अपनी सेवा दे रहे थे। वे एक मध्यम वर्गीय परिवार से आते थे। जीवन में बहुत ही कठिनाईयों का सामना करते हुए एवं समाज को दिशा देने के लिए उन्होंने अपने परिवार को भाई को भरोसे छोड़कर समाज को न्याय दिलाने के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन न्यौछावर कर दिया। इस अवसर पर रामसुधार मौर्य, यशवंत चौहान, कपिल देव मौर्य, सुरेश मौर्य, गायक, जयनाथ मौर्य, इन्द्रदेव मौर्य, भागवत मौर्य, बालचन्द्र मौर्य, श्रीराम मौर्य, अशोक मौर्य, हिमांशु मौर्य, संजय मौर्य, सिकंदर मौर्य, पंकज, रामकांत, हिमांशु, रामचेत, कमलेश, उमेश, महेंद्र, दिनेश, सुरज, अशोक, राजकुमार, राजेंद्र, सिड्डू, पन्ना, अजीत, उमेश, सुनीता, प्रहलाद, सुरेंद्र, रामदिन, रामआशीष, दीपक, रामदुलारे, शिवप्रसाद, अंगद मौर्य, जितेंद्र, दुर्गविजय, प्रह्लाद, आशीष मौर्य, लखन मौर्य आदि मौजूद रहे।







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