संवाददाता - बागी न्यूज 24 आजमगढ़ 08 मार्च-- मा0 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के ...
संवाददाता - बागी न्यूज 24
आजमगढ़ 08 मार्च-- मा0 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा मा0 जनपद न्यायाधीश श्री जय प्रकाश पाण्डेय की अध्यक्षता में आज जनपद न्यायालय परिसर आजमगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें न्यायिक अधिकारीगण, बैक पदाधिकारीगण, अधिवक्तागण, न्यायालय के कर्मचारीगण उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ मा0 जनपद न्यायाधीश श्री जय प्रकाश पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्जवलित करके तथा वाग्देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया गया। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत आम आदमी के लिए उपलब्ध एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र है, जिसके माध्यम से विवाद का निपटारा निःशुल्क व त्वरित किया जाता है। लोक अदालत में दिया गया फैसला अन्तिम होता है, उसके खिलाफ किसी उपरी न्यायालय में अपील नहीं होती हैं। लोक अदालत में दिये गये फैसले सुलह-समझौते के आधार पर होते हैं इसलिए पक्षकारों के बीच मतभेद भी समाप्त हो जाते है। इसमें न कोई जीतता है और न ही कोई हारता है।लोक अदालत में निस्तारण हेतु कुल 113161 वाद चिन्हित किये गये थे, जिसमें कुल 95957 वाद निस्तारित हुए तथा रू0 154275339 धनराशि का समझौता हुआ। प्रीलिटिगेशन स्तर पर 81357 तथा कोर्ट से 14600 दीवानी व फौजदारी वाद, राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित हुए। माननीय जनपद न्यायाधीश द्वारा 01, श्री अजय कुमार सिंह पीठासीन अधिकारी न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 68, श्री अहसानुल्लाह खान, प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय द्वारा 50, श्रीमती संदीपा यादव, अपर प्रधान न्यायाधीश न्यायालय संख्या-02 द्वारा 29, श्री प्रेम शंकर, अपर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय संख्या-01 द्वारा 51 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश श्री अहसानुल्लाह खान, अपर प्रधान न्यायाधीशगण श्रीमती संदीपा यादव व श्री प्रेम शंकर तथा काउन्सलर्स श्री कुलदीप कुमार सिंह, श्रवण कुमार गुप्ता, विनय कुमार तिवारी के सकारात्मक सहयोग से कुल 21 दम्पत्तियों को लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर मेल मिलाप कराकर सहर्ष विदा किया गया। श्री सतीश चन्द्र द्विवेदी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं0-01 द्वारा कुल 03, श्री कमला पति-प् विशेष न्यायाधीश एस0सी0/एस0टी0 एक्ट द्वारा 06, श्री जैनेद्र कुमार पाण्डेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं0- 03 द्वारा 03, श्री अजय श्रीवास्तव, विशेष न्यायाधीश ई0सी0 एक्ट द्वारा कुल 168, श्री संतोष कुमार यादव अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं0-06 द्वारा 10, श्री रमेश चन्द-II अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफ0टी0सी0-01 द्वारा 04, श्री जैनुद्दीन अंसारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफ0टी0सी0-02 द्वारा 01 वाद का निस्तारण किया गया। श्री सत्यवीर सिंह मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट द्वारा 2754 निस्तारण किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री धनंजय कुमार मिश्रा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा किया गया।
आजमगढ़ 08 मार्च-- मा0 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा मा0 जनपद न्यायाधीश श्री जय प्रकाश पाण्डेय की अध्यक्षता में आज जनपद न्यायालय परिसर आजमगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें न्यायिक अधिकारीगण, बैक पदाधिकारीगण, अधिवक्तागण, न्यायालय के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ मा0 जनपद न्यायाधीश श्री जय प्रकाश पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्जवलित करके तथा वाग्देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया गया। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत आम आदमी के लिए उपलब्ध एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र है, जिसके माध्यम से विवाद का निपटारा निःशुल्क व त्वरित किया जाता है। लोक अदालत में दिया गया फैसला अन्तिम होता है, उसके खिलाफ किसी उपरी न्यायालय में अपील नहीं होती हैं। लोक अदालत में दिये गये फैसले सुलह-समझौते के आधार पर होते हैं इसलिए पक्षकारों के बीच मतभेद भी समाप्त हो जाते है। इसमें न कोई जीतता है और न ही कोई हारता है।
लोक अदालत में निस्तारण हेतु कुल 113161 वाद चिन्हित किये गये थे, जिसमें कुल 95957 वाद निस्तारित हुए तथा रू0 154275339 धनराशि का समझौता हुआ। प्रीलिटिगेशन स्तर पर 81357 तथा कोर्ट से 14600 दीवानी व फौजदारी वाद, राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित हुए। माननीय जनपद न्यायाधीश द्वारा 01, श्री अजय कुमार सिंह पीठासीन अधिकारी न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 68, श्री अहसानुल्लाह खान, प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय द्वारा 50, श्रीमती संदीपा यादव, अपर प्रधान न्यायाधीश न्यायालय संख्या-02 द्वारा 29, श्री प्रेम शंकर, अपर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय संख्या-01 द्वारा 51 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश श्री अहसानुल्लाह खान, अपर प्रधान न्यायाधीशगण श्रीमती संदीपा यादव व श्री प्रेम शंकर तथा काउन्सलर्स श्री कुलदीप कुमार सिंह, श्रवण कुमार गुप्ता, विनय कुमार तिवारी के सकारात्मक सहयोग से कुल 21 दम्पत्तियों को लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर मेल मिलाप कराकर सहर्ष विदा किया गया। श्री सतीश चन्द्र द्विवेदी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं0-01 द्वारा कुल 03, श्री कमला पति-प् विशेष न्यायाधीश एस0सी0/एस0टी0 एक्ट द्वारा 06, श्री जैनेद्र कुमार पाण्डेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं0- 03 द्वारा 03, श्री अजय श्रीवास्तव, विशेष न्यायाधीश ई0सी0 एक्ट द्वारा कुल 168, श्री संतोष कुमार यादव अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं0-06 द्वारा 10, श्री रमेश चन्द-II अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफ0टी0सी0-01 द्वारा 04, श्री जैनुद्दीन अंसारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफ0टी0सी0-02 द्वारा 01 वाद का निस्तारण किया गया। श्री सत्यवीर सिंह मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट द्वारा 2754 निस्तारण किया गया।
कार्यक्रम का संचालन श्री धनंजय कुमार मिश्रा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा किया गया।
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