संवाददाता - बागी न्यूज 24 13 सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन ने किया प्रदर्शन, भेजा राष्ट्रपति को ज्ञापन आजमगढ़। उत्त...
संवाददाता - बागी न्यूज 24
13 सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन ने किया प्रदर्शन, भेजा राष्ट्रपति को ज्ञापन
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष खरपत्तू राजभर के अगुवाई में 13 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। प्रदर्शन को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माक्सर्वादी सहित उत्तर प्रदेश किसान सभा का भी समर्थन रहा। प्रदेश अध्यक्ष खरपत्तू राजभर ने कहा कि मनरेगा एक्ट में 90 प्रतिशत बजट भारत सरकार और 10 प्रतिशत बजट की व्यवस्था प्रदेश सरकारें करती थी, फिर भी सभी को 100 दिन काम नहीं मिल पाता था, इसके ठीक विपरीत, विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) एक्ट में भारत सरकार को 60 प्रतिशत और प्रांतीय सरकारों को 40 प्रतिशत बजट की व्यवस्था करनी होगी। जबकि प्रांतीय सरकारें लम्बे लम्बे कर्ज में डूबी हुई हैं, ऐसे में प्रांतीय सरकारें धन की व्यवस्था नहीं कर पायेगी और भारत सरकार अतिरिक्त धन की व्यवस्था नहीं करेगी। परिणाम होगा कि वी बी जी राम जी एक्ट धन के अभाव में अन्तिम सांस लेने लगेगा और भाजपा सरकार को इस योजना को बन्द करने का आसान बहाना मिल जाएगा। उप्र किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तेयाज बेग ने कहा कि सरकार को इस बिल को वापस लेकर मनरेगा को बहाल करना चाहिए। जिला मंत्री दुर्बली राम ने बताया कि हमारी 13 सूत्री मांगों में वी बी जी राम जी एक्ट को जनहित में रद्द किया जाए, मनरेगा जैसे ऐतिहासिक एक्ट को पुराने रूप में बहाल किया जाए, खेत एवं ग्रामीण मजदूरों को काम न मिलने पर मुआवजा दिया जाना सुनिश्चित हो, खेत मजदूरों को 55 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद दस हजार रूपए मासिक पेंशन दिया जाए, सभी खेत मजदूरों को वर्ष में 200 दिन काम और 700 रूपए प्रतिदिन न्यूनतम गारंटीशुदा मजदूरी दिया जाए, सभी खेत मजदूरों को 55 वर्ष की उम्र पूरी हो जाने के बाद दस हजार रूपए मासिक पेंशन दिया जाए। मनरेगा में भारत सरकार और प्रांतीय सरकारों द्वारा दिये जाने वाले पुराने बजट व्यवस्था को जारी रखा जाए, खेत मजदूरों दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों महिलाओं अल्पसंख्यकों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी जाए, खेत और ग्रामीण मजदूरों एवं आदिवासियों के प्राकृतिक संसाधनों जल, जंगल, जमीन को अविलम्ब वापस किया जाए, आजादी के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर चल रहे मनरेगा एक्ट को समाप्त कर लाए गये एक्ट रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण पर रोक लगाने के साथ ही भाजपा सरकार के हिन्दू राष्ट्र बनाने की तरफ आगे बढ़ने की साजिश पर भी अविलम्ब रोक लगाई जाए, सभी खेत मजदूरों को अवास के लिए 15 डिसमिल जमीन और पक्का आवास के लिए 05 लाख रूपए उपलब्ध कराया जाए, धारा 132 के तहत ग्रामीण मजदूरों को पुर्नवास की व्यवस्था किए बिना उनको उजाड़ा न जाए शामिल है। अन्य वक्ताओं में , रामाज्ञा, आदि शामिल रहै। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मखडू राम, रामवृक्ष, हरिओम, राजनरायन, सूबेदार, मखडू राम, सूबेदार, रामनेत, गुलाब मौर्या, रामभुआल, रामकेवल, दयाराम, रमेश, रमायन, फूलचन्द्र, बसंत राम निहोर आदि मौजूद रहे।
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष खरपत्तू राजभर के अगुवाई में 13 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। प्रदर्शन को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माक्सर्वादी सहित उत्तर प्रदेश किसान सभा का भी समर्थन रहा। प्रदेश अध्यक्ष खरपत्तू राजभर ने कहा कि मनरेगा एक्ट में 90 प्रतिशत बजट भारत सरकार और 10 प्रतिशत बजट की व्यवस्था प्रदेश सरकारें करती थी, फिर भी सभी को 100 दिन काम नहीं मिल पाता था, इसके ठीक विपरीत, विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) एक्ट में भारत सरकार को 60 प्रतिशत और प्रांतीय सरकारों को 40 प्रतिशत बजट की व्यवस्था करनी होगी। जबकि प्रांतीय सरकारें लम्बे लम्बे कर्ज में डूबी हुई हैं, ऐसे में प्रांतीय सरकारें धन की व्यवस्था नहीं कर पायेगी और भारत सरकार अतिरिक्त धन की व्यवस्था नहीं करेगी। परिणाम होगा कि वी बी जी राम जी एक्ट धन के अभाव में अन्तिम सांस लेने लगेगा और भाजपा सरकार को इस योजना को बन्द करने का आसान बहाना मिल जाएगा। उप्र किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तेयाज बेग ने कहा कि सरकार को इस बिल को वापस लेकर मनरेगा को बहाल करना चाहिए। जिला मंत्री दुर्बली राम ने बताया कि हमारी 13 सूत्री मांगों में वी बी जी राम जी एक्ट को जनहित में रद्द किया जाए, मनरेगा जैसे ऐतिहासिक एक्ट को पुराने रूप में बहाल किया जाए, खेत एवं ग्रामीण मजदूरों को काम न मिलने पर मुआवजा दिया जाना सुनिश्चित हो, खेत मजदूरों को 55 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद दस हजार रूपए मासिक पेंशन दिया जाए, सभी खेत मजदूरों को वर्ष में 200 दिन काम और 700 रूपए प्रतिदिन न्यूनतम गारंटीशुदा मजदूरी दिया जाए, सभी खेत मजदूरों को 55 वर्ष की उम्र पूरी हो जाने के बाद दस हजार रूपए मासिक पेंशन दिया जाए। मनरेगा में भारत सरकार और प्रांतीय सरकारों द्वारा दिये जाने वाले पुराने बजट व्यवस्था को जारी रखा जाए, खेत मजदूरों दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों महिलाओं अल्पसंख्यकों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी जाए, खेत और ग्रामीण मजदूरों एवं आदिवासियों के प्राकृतिक संसाधनों जल, जंगल, जमीन को अविलम्ब वापस किया जाए, आजादी के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर चल रहे मनरेगा एक्ट को समाप्त कर लाए गये एक्ट रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण पर रोक लगाने के साथ ही भाजपा सरकार के हिन्दू राष्ट्र बनाने की तरफ आगे बढ़ने की साजिश पर भी अविलम्ब रोक लगाई जाए, सभी खेत मजदूरों को अवास के लिए 15 डिसमिल जमीन और पक्का आवास के लिए 05 लाख रूपए उपलब्ध कराया जाए, धारा 132 के तहत ग्रामीण मजदूरों को पुर्नवास की व्यवस्था किए बिना उनको उजाड़ा न जाए शामिल है। अन्य वक्ताओं में , रामाज्ञा, आदि शामिल रहै। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मखडू राम, रामवृक्ष, हरिओम, राजनरायन, सूबेदार, मखडू राम, सूबेदार, रामनेत, गुलाब मौर्या, रामभुआल, रामकेवल, दयाराम, रमेश, रमायन, फूलचन्द्र, बसंत राम निहोर आदि मौजूद रहे।
"BAGI News 24" Chief Editor Abdul Kaidir "Baaghi", Bureau Office –District Cooperative Federation Building, backside Collectorate Police Station, Civil Line, Azamgarh, Uttar Pradesh, India, Pin Number – 276001 E-mail Address – baginews24@gmail.com, Mobile Number - +91 9415370695










