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वाहन एक्सीडेंट में ड्राइवर की मौत के बाद दिया जाए शहीद का सम्मान

  चालकों ने सुविधा और सम्मान के साथ राष्ट्रीय चालक आयोग और ड्राइवर सुरक्षा बोर्ड की स्थापना की मांग उठाई देश भर के वाहन चालकों की हुई जुटान,...

 

चालकों ने सुविधा और सम्मान के साथ राष्ट्रीय चालक आयोग और ड्राइवर सुरक्षा बोर्ड की स्थापना की मांग उठाई
देश भर के वाहन चालकों की हुई जुटान, मांगा सुविधा और सम्मान
सरकार ने नहीं सुनी तो देश के सभी जिला मुख्यालयों पर करेंगे चक्का जाम

सवाददाता - बागी न्यूज 24  

आजमगढ़। वाहन चालक कल्याण समिति संपूर्ण भारत के आह्वान पर मंगलवार को देश भर से वाहन चालकों की जुटान हुई, तो रिक्शा स्टैंड की जगह कम पडऩे लगी।  सडक़ किनारे या फिर आसपास चालकों को खड़ा होना पड़ा। चालकों ने सुविधा और सम्मान के साथ राष्ट्रीय चालक आयोग और ड्राइवर सुरक्षा बोर्ड की स्थापना की मांग उठाई। वाहन चालक कल्याण समिति संपूर्ण भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश यादव ने कहा कि वाहन चालक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें सरकार की ओर से न तो कोई सुविधा दी जा रही है और ना ही प्रशासन की ओर से सम्मान मिलता है।  हालत यह कि हाईवे पर कहीं भी फ्रेश होने की जगह नहीं मिलती। प्रसाधन स्थलों पर या तो ताला मिलता है या फिर चौकीदार प्रवेश करने से रोकते हैं। कभी-कभी तो थकान के कारण अगर रेस्ट लेन में वाहन खड़ा कर ड्राइवर दो मिनट आराम करने के लिए रुक जाता है तो उसे अपमानित करके भगा दिया जाता है। रात में कहीं रुका तो गाड़ी का चक्का खोल लिया जाता है और उसके बाद संबंधित पुलिस स्टेशन जाने पर शाम तक बैठाने के बाद भगा दिया जाता है। सुरेश यादव ने अपनी कई मांगें गिनाईं। कहा कि राष्ट्रीय चालक आयोग, ड्राइवर सुरक्षा बोर्ड की स्थापना, राष्ट्रीय राजमार्गो पर ड्राइवरों के विश्रामगृह एवं बुनियादी सुविधाएं, वाहन एक्सीडेंट में ड्राइवर की मृत्यु होने पर उसे शहीद का सम्मान के साथ ड्राइवर के परिजन को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद और ड्राइवर की पत्नी को 10 हजार रुपये प्रतिमाह विधवा पेंशन, ड्राइवर के बच्चों को गरीबी कल्याण योजनान्तर्गत उन्हें जोड़ा जाये एवं शिक्षा व चिकित्सा का प्रबन्ध किया जाये, एक्सीडेंट के दौरान विकलांग होने पर 15 लाख रुपये का एक्सीडेंटल बीमा प्रदान किया करने के साथ पांच हजार रुपये प्रतिमाह विकलांग पेंशन प्रदान किया जाये व उसकी चिकित्सा व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने सहायता व शोषण निवारण हेतु एक स्वतंत्र तंत्र एवं राष्ट्रीय पोर्टल की आवश्यकता पर भी बल दिया। धरने को समिति के मंडल अध्यक्ष संतोष राजभर, उपाध्यक्ष सुरेंद्र यादव, जिला प्रबंधक महेंद्र यादव, उपाध्यक्ष संजय यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामदास यादव, सेक्रेटरी पतिराम यादव, जिला मंत्री महेंद्र जायसवार, कोषाध्यक्ष मुन्नीलाल यादव आदि ने भी विचार रखे। अंत में चेतावनी दी गई कि सरकार ने नहीं सुनी तो देश के सभी जिला मुख्यालयों पर चक्का जाम करने को बाध्य होंगे।









  



 

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