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निजामाबाद की बदहाली के खिलाफ बिगुल, अरुण मिश्र लालू ने उठाई विकास की निर्णायक लड़ाई

  सड़क, बिजली, पानी और ब्लैक पॉटरी के संरक्षण के लिए सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र, अनशन की चेतावनी सवाददाता - बागी न्यूज 24   आजमगढ़। दशकों से...

 

सड़क, बिजली, पानी और ब्लैक पॉटरी के संरक्षण के लिए सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र, अनशन की चेतावनी

सवाददाता - बागी न्यूज 24  

आजमगढ़। दशकों से उपेक्षा का दंश झेल रहे ऐतिहासिक कस्बा निजामाबाद के विकास की आवाज अब मुखर होने लगी है। समाजसेवी एवं डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्र 'लालू' ने निजामाबाद के समग्र विकास के लिए मोर्चा खोलते हुए गुरुवार को जिलाधिकारी को दस सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे।
समाजसेवी अरुण मिश्र लालू का कहना है कि तहसील मुख्यालय होने के बावजूद निजामाबाद आज भी बदहाल सड़कों, अपर्याप्त पेयजल व्यवस्था, खराब प्रकाश व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। हजारों लोग प्रतिदिन इन समस्याओं का सामना करने को मजबूर हैं, लेकिन समाधान की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं हुए। ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग भदुली-निजामाबाद तथा रानी की सराय-निजामाबाद मार्ग के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण की है।  सड़कें खराब होने के कारण व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन सभी प्रभावित हो रहे हैं। अरुण मिश्र ने विश्वप्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी कला को निजामाबाद की पहचान बताते हुए कहा कि यह केवल एक कला नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है। उन्होंने कारीगरों के लिए स्थायी विपणन केंद्र, शिल्प हाट और दुकानों की व्यवस्था किए जाने की मांग की ताकि इस कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके। मांगपत्र में तहसील परिसर में आरओ युक्त शीतल पेयजल संयंत्र, आधुनिक सार्वजनिक शौचालय, बेहतर सफाई व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति, पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए विशेष योजना लागू करने की मांग भी शामिल है। अरुण मिश्र ने कहा कि निजामाबाद केवल एक कस्बा नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और शिल्पकला की जीवंत धरोहर है। यदि इसे योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए तो यह पूर्वांचल का प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र बन सकता है। उन्होंने प्रशासन से निजामाबाद को मॉडल हेरिटेज टाउन घोषित कर विशेष विकास योजना लागू करने की मांग की। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि यह किसी व्यक्ति या संगठन की लड़ाई नहीं, बल्कि निजामाबाद के सम्मान, पहचान और भविष्य की लड़ाई है। यदि विकास के लिए जनआंदोलन करना पड़ा तो क्षेत्र की जनता के साथ पूरी ताकत से संघर्ष किया जाएगा  अरुण मिश्र की इस पहल को लेकर सकारात्मक चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का मानना है कि लंबे समय बाद किसी ने निजामाबाद के विकास को लेकर गंभीरता से आवाज उठाई है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।









  



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