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पूर्वांचल की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत का वर्णन किया गया

  गौरवशाली पूर्वांचल का इतिहास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की गौरव गाथा है :  अरविंद चित्रांश संवाददाता - बागी न्यूज 24   आजमगढ़। भारत की आन,ब...

 गौरवशाली पूर्वांचल का इतिहास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की गौरव गाथा है :  अरविंद चित्रांश


संवाददाता - बागी न्यूज 24  

आजमगढ़। भारत की आन,बान,शान और ऐतिहासिक महत्व की गरिमा बढ़ाने वाली "गौरवशाली पूर्वांचल" पुस्तक का अवलोकन सिविल लाइन कार्यालय आजमगढ़ में करते हुए भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय,भाजपा लालगंज के पूर्व जिला अध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं वरिष्ठ नेता प्रवीण कुमार सिंह ने प्रधान संपादक एवं प्रभारी अरविंद चित्रांश की पुस्तक गौरवशाली पूर्वांचल का अवलोकन करते हुए सामूहिक रूप से कहा कि पूर्वांचल, जो उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिसका केंद्र आजमगढ़, काली मिट्टी के बर्तन निजामाबाद और मुबारकपुर की बनारसी साड़ी और सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। जिसे प्राचीन काल से ही एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक साहित्यिक और ऐतिहासिक केंद्र माना गया है। गोरखपुर क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय ने कहा कि अरविंद श्रीवास्तव 'चित्रांश' एक प्रसिद्ध सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजनों के संयोजक और लोक कला संरक्षक के रूप में जाने जाते हैं। वे प्रधान संपादक और प्रभारी के रूप में "गौरवशाली पूर्वांचल" पुस्तक को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए संघर्षरत हैं, जो भारत की गौरव गाथा को दर्शाती है। इसके अलावा, वे अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम भारत के अंतरराष्ट्रीय आयोजक और संयोजक भी हैं। बहुत ही गंभीर विचारों से पूर्वांचल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का वर्णन किया गया। वाराणसी,अयोध्या, कुशीनगर, सारनाथ, और गोरखपुर जैसे ऐतिहासिक स्थल सच में पूर्वांचल की गौरव गाथा को बढ़ाते हैं।लोकगीत, लोकनृत्य, संगीत, और कला के क्षेत्र में पूर्वांचल की समृद्ध परंपरा है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित है। धोबिया, कहरवा, आल्हा, पवंरिया, कजरी, फगुआ, चइता, और होरी जैसे लोकगीत और लोकनृत्य पूर्वांचल की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।हस्तशिल्प और कपड़ा निर्माण में भी पूर्वांचल का महत्वपूर्ण योगदान है। आजमगढ़,निजामाबाद के काली मिट्टी के बर्तन और मुबारकपुर की बनारसी साड़ी विश्व प्रसिद्ध है।
अंत में अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम भारत के अंतरराष्ट्रीय संयोजक और प्रधान संपादक एवं प्रभारी अरविंद चित्रांश ने कहा कि "गौरवशाली पूर्वांचल" पुस्तक का अवलोकन करने वाले आप सभी लोगों को धन्यवाद! आपके वक्तव्यों से पूर्वांचल की गौरव गाथा और भी गौरवान्वित हो गई है।








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