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समाजसेवी गायत्री देवी की 21वीं पुण्यतिथि मनायी गया, लिया गया अन्धविश्वास, पाखण्ड से दूर रहने का संकल्य

  संवाददाता - बागी न्यूज 24   अन्धविश्वास, पाखण्ड, लफ्फद्रो से दूर रहने का लिया गया संकल्य ब्रिटिश शासन काल 1852 ई0 में मोहम्मदी जिला था। लख...

 


संवाददाता - बागी न्यूज 24  

अन्धविश्वास, पाखण्ड, लफ्फद्रो से दूर रहने का लिया गया संकल्य
ब्रिटिश शासन काल 1852 ई0 में मोहम्मदी जिला था।
लखनऊ संसदीय क्षेत्र से रही पूर्व सांसद प्रत्याशी व समाज सेवी गायत्री देवी की 21वीं पुण्यतिथि लखनऊ कैलाशपुरी-ई सहित दुबई शाहजहांपुर में परिजनों, मित्रजनों ने सादगी के साथ मनाई। स्व० गायत्री देवी के चित्र पर फूल माला सुमन अर्पित कर उनके प्रति सम्मान प्रकट किया। सभी आगन्तुकों, परिजनों को महामानव गौतम बुद्ध का पंचशील स्मरण कराया और संकल्प दिलाया गया कि शिक्षा व अपने अधिकारों, भाई चारे के प्रति जागरूकता ही गायत्री देवी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
89 वर्षीय पूर्व लेखाधिकारी पत्रकार व समाज सेवी प्रागदत्त जो कि गायत्री देवी के पति है ने गायत्री देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुये कहा कि पुण्यतिथि मनाने का उद्देश्य एक जो स्वयं राजपत्रित अधिकारी बनने के लिए प्रेरित के साथ पूरा सहयोग किया साथ ही नई पीढ़ी को बताना है कि वे अन्धविश्वास, पाखण्डों, लफ्फद्रो से दूर रह कर पूरी तनमन्यता के साथ पढ़ाई करे और अपना कार्य कर जीवन में आगे बढ़ें।
पूर्व उप निदेशक, सूचना  प्रमोद कुमार, अधिशासी अभियन्ता ई० सुनील दत्त, इ0 रवि दत्त, डा0 विनोद कुमार, डा0 इन्द्रा, राजेश ने अपनी माता गायत्री देवी के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि माता जी सादगी और हिम्मती थी तथा अंधविश्वास पाखण्डों की घुरविरोधी थीं। उनके पद चिन्हों पर चलकर उनके परिवार में 12 राजपत्रित अधिकारी व द्वितीय पीढ़ी में 4 अधिकारी सहित अनेक मेडिकल क्षेत्र में एम०बी०बी०एस० आदि कर रहे हैं।
एल०आई०सी० अधिकारी राम अचल, डा० भानू प्रताप पेले, आयुष, सत्य प्रकाश, शिवम आदि ने भी गायत्री देवी के चित्र पर माल्यार्पण किया। गायत्री देवी के जीवन पाठ पर प्रकाशित पुस्तक दूर पथ का राही पुस्तक में गायत्री देवी का भी पाठ पढ़ते हुए बताया गया कि माता-पिता, बुजुर्गों के प्रति सेवा, आदर व सम्मान प्रकट करने से आत्म विश्वास, सकारात्मक सोच, भाईचारा, मजबूती के साथ ही राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता का विकास करने को बलवती करने का बल मिलता है।
विदित हो कि राजधानी से 200 मी० दूर तराई क्षेत्र के लखीमपुर खीरी के तहसील एवं ब्लाक-मोहम्मदी, ग्राम असोवा निवासी साधारण किसान मनोहर लाल के यहां गायत्री देवी का जन्म 30 मई 1940 में हुआ था। मोहम्मदी पूर्व में स्वयं जनपद था और 1852 ई० में इसे ब्रिटिश शासन काल में जिला बनाया गया था उस समय तत्कालीन जिलाधिकारी जेम्स थामसन तैनात थे। 1852 ई० उपरान्त स्वतंत्रता आन्दोलन छिड़ने के बाद जेम्स थामसन अपने साथियों के साथ मार दिये गयें। तदुपरान्त डब्ल्यू०सी०बुड जनपद मुख्यालय मोहम्मदी से लखीमपुर खीरी लेकर चले गये। परन्तु 1870 ई0 तक कागजात में मोहम्मदी ही जनपद रहा। बाद में लखीमपुर खीरी जनपद बना दिया गया। मोहम्मदी को जनपद बनाने की मांग भाजपा के मोहम्मदी तत्कालीन विधायक व एडवोकेट श्री छोटेलाल तथा अन्य द्वारा लगातार की जाती रही है। मोहम्मदी का एक अपना इतिहास है। गायत्री देवी के पुण्यतिथि पर दूर पथ का राही दूसरा भाग ही शीघ्र ही प्रकाशित किया जायेगा। उनकी स्मृति में असोवा गांव में स्तम्भ का निर्माण कराया जायेगा।  
भारत देशम पार्टी से पूर्व सासद प्रत्याशी रही समाजसेवी गायत्री देवी को पुण्य तिथि के मौके पर राष्ट्रीय 85 प्रगतिशील समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश भारती, मण्डलीय अध्यक्ष शक्ति कृष्ण त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार, लाइफ चेंज वेलफेयर क्लब के अध्यक्ष मनोहर मौर्या, विनोद तथा वरिष्ठ पत्रकार आमोद श्रीवास्तव पूर्व पत्रकार अधिकारी एशोसियन के अध्यक्ष डा० अवधेश कुमार ने भी समाज सेवी गायत्री देवी को शत शत नमन किया है।
 









  



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