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प्राइवेट कंपनी को रजिस्ट्री कार्य सौंपने के विरोध में प्रदेशभर के रजिस्ट्री कार्यालयों में अनिश्चितकालीन हड़ताल

  सवाददाता - बागी न्यूज 24   आजमगढ़। रजिस्ट्री कार्य को निजी कंपनी के माध्यम से संचालित किए जाने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में उत्तर प्र...

 

सवाददाता - बागी न्यूज 24  

आजमगढ़। रजिस्ट्री कार्य को निजी कंपनी के माध्यम से संचालित किए जाने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में उत्तर प्रदेश के सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों एवं मुंशियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार का यह निर्णय उनके रोजगार, अधिकारों और सम्मान पर सीधा आघात है। हड़ताल के कारण प्रदेश के समस्त उप निबंधक कार्यालयों में रजिस्ट्री संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आंदोलनकारियों ने मांग की है कि रजिस्ट्री कार्य को किसी निजी कंपनी को ठेके पर देने का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा वर्तमान व्यवस्था को यथावत बनाए रखा जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि रजिस्ट्री विभाग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाए रखते हुए किसी भी प्रकार का निर्णय सभी हितधारकों- अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और मुंशियों—की सहमति एवं सलाह के बिना नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने अपने संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों तथा रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह तथा महामंत्री अजय कुमार मौर्य के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में कोषाध्यक्ष अमजद शेख सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर एवं मुंशी शामिल हुए। प्रमुख रूप से उदय प्रताप सिंह, प्रवेश दीक्षित, पंकज तिवारी, अवशेष कुमार यादव, सुमंत सिंह, रमेश चौहान, उमेर खान, मंगला सिंह, अभय नारायण कुंवर, जनार्दन सिंह, अभय कुमार, दूधनाथ मधुकर, बिपिन सिंह, रूपचंद्र सिंह, रमेश यादव, शैलेंद्र कुमार सिंह, अजय राय, बिनोद अस्थाना, देशराज चौहान, आनंद कुमार, मनोज चौहान, शशिकांत सिंह, सोनू कुमार, रामाश्रय सिंह,राकेश यादव, अंकित सिंह, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, राकेश यादव, कपिलदेव यादव, सूरज प्रकाश यादव, अतुल कुमार, प्रवीण कुमार, परपुदमन मौर्य तथा शिवांगी यादव सहित अन्य लोग आंदोलन में शामिल रहे। वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल रोजगार बचाने का नहीं बल्कि अधिकारों, सम्मान और अस्तित्व की रक्षा का संघर्ष है। उन्होंने एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा कि "हम एक हैं तभी सुरक्षित हैं, संगठित हैं तभी सक्षम हैं।" हड़ताल के चलते प्रदेशभर में रजिस्ट्री कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। आंदोलनकारियों के अनुसार ई-पंजीयन कार्य ठप होने से एक दिन में लगभग 7 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है। उनका कहना है कि यदि सरकार ने शीघ्र कोई निर्णय नहीं लिया तो यह नुकसान और बढ़ सकता है।









  



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