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नकली सोना बेचने को लेकर हाईवोल्टेज ड्रामा: सर्राफा व्यापारी व ग्राहक से बीच सड़क मारपीट का वीडियो वायरल

  थाने में हुआ खेला चेक देकर दबाया गया मामला ? चंद रुपयों की भरपाई से खत्म हो गया अपराध सवाददाता - बागी न्यूज 24   आजमगढ़। नगर के शहर कोतवाल...

 

थाने में हुआ खेला चेक देकर दबाया गया मामला ? चंद रुपयों की भरपाई से खत्म हो गया अपराध

सवाददाता - बागी न्यूज 24  

आजमगढ़। नगर के शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के पुरानी कोतवाली स्थित सर्राफा मंडी में नकली सोना बेचने के गंभीर आरोप को लेकर बीच सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। आभूषणों की शुद्धता को लेकर ग्राहक और सर्राफा व्यवसाई के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। व्यस्त बाजार में हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गढ़वल निवासी आदर्श सिंह ने आभूषण खरीदने के लिए पुरानी कोतवाली तिराहा स्थित जितेंद्र कुमार सुधीर कुमार ज्वेलर्स शॉप पर धीरे धीरे पैसे जमा किए और पैसे पूरे जमा होने के बाद आदर्श उनसे आभूषण मांगने लगा तो सर्राफा व्यवसाई द्वारा कुछ दिनों तक आनाकानी करने के बाद बीते मंगलवार को ग्राहक आदर्श को सोने के आभूषण दिए गए। जिसके बाद पीड़ित ग्राहक ने आभूषणों के नकली होने का दावा करते हुए दुकानदार सुधीर वर्मा के पास वापस पहुंचे, तो बात सुधरने के बजाय बिगड़ गई। विवाद इतना बढ़ा कि सर्राफा व्यवसाईयों ने एकजुट होकर ग्राहक आदर्श सिंह व उनके साथियों को बीच बाजार में चौतरफा घेर लिया और उनके साथ जमकर मारपीट की। हैरानी की बात यह रही कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस कानून-व्यवस्था संभालने या बीच-बचाव करने के बजाय, मोबाइल से वीडियो बनाने में व्यस्त दिखी। हालांकि, बाद में स्थिति को नियंत्रित करते हुए पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। जहां शहर कोतवाल की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई, जिसमें सर्राफा व्यवसाई द्वारा पीड़ित ग्राहक को रकम की भरपाई के रूप में चेक सौंपने के बाद मामला रफा-दफा कर दिया गया। मामले में सीओ सिटी शुभम् तोंदी ने बताया कि, पुरानी कोतवाली स्थित एक आभूषण की दुकान पर दुकानदार एवं ग्राहक के बीच सोने के आभूषण के लेन-देन तथा उसकी गुणवत्ता को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली लेकर आई, जहां दोनों पक्षों ने आपसी बातचीत के उपरांत स्वेच्छा से लिखित रूप से सुलह-समझौता कर लिया है। सूचना है कि घटना के बाद उक्त विवादित सर्राफा की दुकान पर अन्य ग्राहक भी पहुंचकर विवाद किए। भले ही पुलिस और सर्राफा व्यवसाई ने आपसी समझौते का चेक देकर इस मामले को कागजों पर शांत कर दिया हो, लेकिन इस घटना ने सर्राफा बाजार की विश्वसनीयता पर बड़ा सवालिया निशान लuगा दिया है। यदि आभूषण असली थे, तो व्यवसाई ने लाखों का चेक देकर समझौता क्यों किया? यह सीधे-सीधे जालसाजी का गंभीर अपराध है। मुमकिन है कि ऐसे नामी दुकानदारों ने न जाने कितने अनजान ग्राहकों को नकली आभूषण बेचकर करोड़ों की चपत लगाई हो। ऐसे मामलों में महज समझौता करा देना जालसाजों के हौसले बुलंद करने जैसा है। प्रशासन को जनता की गाढ़ी कमाई की रक्षा के लिए इस पूरे सिंडिकेट की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।









  



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